बिहार के अररिया में हुए बहुचर्चित मोबाइल चोरी कांड में पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार करते हुए उसकी निशानदेही पर रियलमी और ओप्पो कंपनी के 2050 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के बाद मामले में बरामद मोबाइलों की कुल संख्या 3487 हो गई है। इस संबंध में अररिया के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने प्रेस वार्ता कर पूरी कार्रवाई की जानकारी दी।
एसपी ने बताया कि 9 जून 2026 को वाहन संख्या KA-02AJ-1157 के चालक और दूसरे अज्ञात लोगों ने रियलमी और ओप्पो कंपनी के मोबाइल और एक्सेसरीज से लदा सामान ट्रक से गायब कर दिया था। घटना के बाद आरोपी वाहन को जीरो माइल स्थित एचपी पेट्रोल पंप के पास छोड़कर फरार हो गए थे। इस मामले में अररिया थाना कांड संख्या 314/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अलग-अलग धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
करोड़ों का मोबाइल चोरी का मामला
जांच के दौरान पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के शेरगढ़ थाना क्षेत्र के रहने वाले 33 साल के अनीश को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर चोरी के 2050 मोबाइल फोन बरामद किए गए। वहीं वाहन के सह-चालक तालीम को भी ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया है। दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए न्यायालय में भेजा जा रहा है।
दिल्ली, यूपी और हरियाण से कनेक्शन
एसपी ने बताया कि इससे पहले इस कांड में हरियाणा, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश से अनवर, दीपक गुप्ता, शाहिल, कामिल उर्फ किम्मी और नईम समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उनके कब्जे से 1437 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 6.97 लाख रुपये नकद और घटना में शामिल किए गए 5 वाहन बरामद किए गए थे।
मामले के में 7 आरोपी गिरफ्तार
अब तक इस मामले में कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। 3487 मोबाइल फोन, पांच वाहन, एक लैपटॉप और 6.97 लाख रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और बाकी सामान की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
इस सफल कार्रवाई में अररिया थाना के थानाध्यक्ष मनीष रजक, पुलिस पदाधिकारी विकास कुमार, रामलखन चौधरी, टाइगर मोबाइल टीम, डीआईयू टीम और एसटीएफ (एसओजी) बिहार, पटना की अहम भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच जारी है और जल्द ही अन्य फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर इस रैकेट का भंडाफोड किया जाएगा।
इनपुट: अरुण कुमार, अररिया (बिहार)